“अभी तो साथ चलना है समंदरों की लहरों मॆं
.
.
.
,
. . . किनारे पर ही देखेंगे... किनारा कौन करता है?”
तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है
मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है.
उसने दरिया में डाल दी होगी..
मेरी मोहब्बत भी.... एक नेकी थी
मायने बहुत है इन आँसूओ के
किसी दर्द बहुत देते है..ये आँसू
सुनो..
हर बात पर इन आँसूओ से खूबसूरत पलको को भिगोया न करो
दिल नही चेहरा देखते है
आजकल के लोग
हकीकत से
नही फरेब से
मुहब्बत करते है
अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी,
गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सुकून से सोया करते थे...........।
कर लेती हूँ
बर्दाश्त
हर दर्द
इसी आस के
साथ की खुदा
नूर भी बरसाता है
आज़माइशों के बाद !!
हाथ में मोबाइल - गिलास लिए बैठे हो ....!
.
.
और पकड़ना ज़िन्दगी को चाहते हो ....!!
न जाने क्यों ये रात उदास कर देती हैं
हर रोज..!!
महसूस यूँ होता हैं जैसे बिछड़ रहा हैं कोई
धीरे धीरे..!!
शाख से फूल तोड़कर मैंने ,सीखा
अच्छा होना गुनाह है ,इस जहाँ में,