ख्वाब हमारे टूटे तो हालात कुछ ऐसी थी,
आँखे पल पल रोती थीं ,किस्मत हँसती रहती थी..
“अभी तो साथ चलना है समंदरों की लहरों मॆं
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. . . किनारे पर ही देखेंगे... किनारा कौन करता है?”
तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है
मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है.
उसने दरिया में डाल दी होगी..
मेरी मोहब्बत भी.... एक नेकी थी
मायने बहुत है इन आँसूओ के
किसी दर्द बहुत देते है..ये आँसू
सुनो..
हर बात पर इन आँसूओ से खूबसूरत पलको को भिगोया न करो
दिल नही चेहरा देखते है
आजकल के लोग
हकीकत से
नही फरेब से
मुहब्बत करते है
कर लेती हूँ
बर्दाश्त
हर दर्द
इसी आस के
साथ की खुदा
नूर भी बरसाता है
आज़माइशों के बाद !!
हाथ में मोबाइल - गिलास लिए बैठे हो ....!
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और पकड़ना ज़िन्दगी को चाहते हो ....!!
शाख से फूल तोड़कर मैंने ,सीखा
अच्छा होना गुनाह है ,इस जहाँ में,