घर के बाहर भलेमाग ले जाओ.. क्योंकि दुनियाँ एक ‘बाजार’ है।

लेकिन घर के अंदर सिर्फ दिल ले जाओ क्योंकि वहाँ एक ‘परिवार’ है। !!!!

क्या मंदिर, क्या मस्जिद, क्या गंगा की धार करे.. वो घर ही मंदिर जैसा है।

जिसमे औलाद माँ बाप का सत्कार करे. !!

???जय सियाराम???