एक पुराना मोसम लोटा,,याद भरी पुरवायी भी,
ऐसा तो कम ही होता है,,वो भी हो तन्हाई भी....
ख्वाब हमारे टूटे तो हालात कुछ ऐसी थी,
आँखे पल पल रोती थीं ,किस्मत हँसती रहती थी..
“अभी तो साथ चलना है समंदरों की लहरों मॆं
.
.
.
,
. . . किनारे पर ही देखेंगे... किनारा कौन करता है?”
तेरे ना होने से बस इतनी सी कमी रहती है
मै लाख मुस्कुराउ आखो मे नमी सी रहती है.
उसने दरिया में डाल दी होगी..
मेरी मोहब्बत भी.... एक नेकी थी
मायने बहुत है इन आँसूओ के
किसी दर्द बहुत देते है..ये आँसू
सुनो..
हर बात पर इन आँसूओ से खूबसूरत पलको को भिगोया न करो
दिल नही चेहरा देखते है
आजकल के लोग
हकीकत से
नही फरेब से
मुहब्बत करते है
जो जले थे हमारे लिऐ,
बुझ रहे है वो सारे दिये,
कुछ अंधेरों की थी साजिशें,
कुछ उजालों ने धोखे दिये..