हिन्दीशास्त्र

सुहागरात के समय दूल्हे ने अपनी पत्नी को बाँहों में लेते हुए कहा, ”आज से तुम मेरी प्रेरणा, मेरी साधना और मेरी आशा हो।”
यह सुनकर दुल्हन पल-भर चौंकी और फिर बोली, ”आज से तुम मेरे राहुल, राकेश और अमन हो।”

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