फूल बिछा दूँ या

फूल बिछा दूँ या आँखे बिछा दूँ करूँ क्या ये समझ ना आये। कंही ये दिल मेरा तुम्हे देखकर तुम्हारा बने,और मुझे भूल जाय।।

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