फिर से चमका है एक टुकड़ा चॉद का;अपने अधूरे ख्वाब सजाने को;….

फिर से चमका है एक टुकड़ा चॉद का;
अपने अधूरे ख्वाब सजाने को;
रात के अंधेरे को राह दिखाने को।
शुभ रात्रि!

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