पूस की रात में श

पूस की रात में शान्त सा कमरा एक बिस्तर और मेरे होंठों का तेरे मकरन्द लिप्त गुलाब कपोल सम कोमल लबोँ से छूने का एहसास अब तक नहीँ भुला….!!

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