पुराना साल सबसे हो रहा है दूर,क्या करें यही है कुदरत का दस….

पुराना साल सबसे हो रहा है दूर,
क्या करें यही है कुदरत का दस्तूर,
पुराणी यादें सोच कर उदास न हो तुम,
नया साल आया है चलो...
धूम मचले, धूम मचले धूम!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *