कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,हर एक ने धोखा…

कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया, किस-किस को भुला देते,
अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही दबाये रखा,
बयां करते तो महफ़िल को रुला देते।

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